शनिवार, 2 मई 2009
वर्तमान डरावना है
वर्तमान से हमें डर लगता है। क्यों कि वर्तमान में मुश्किलें होती हैं। वर्तमान में ही निर्यण लेना होता है। हम ऐसा सोचते हैं कि मीठा नही खायेंगे, ये तो भविष्य कि बातें हैं । पर जन्हा वर्तमान आया कि हम गिर पड़े। मीठा सामने आया कि हम सारे प्लान बगल रखकर मीठा खा लेतें हैं। ये भी सोचतें हैं कि जब जवान थे या पढ़ाई किया करते थे तो इन्द्रियों पर बहुत नियंत्रण था। पर अब् सब कुछ बेकार हो गया। ये भी भूत कि बातें हैं। भूत और वर्तमान से हमारी विल पॉवर नही बढ़ सकती। क्योंकि यहाँ पर निर्यण लेने कि शक्ति का कोई रोल नही है। वर्तमान में तो निर्णय लेने की शक्ति को अपनी कर्यछ्मता दिखानी पड़ती है। संभवतः इसलिए वर्तमान में दुःख की अनुभूति ज्यादा होती है ।
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